पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के विचारों का एक तुलनात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ० सुशील दत्त पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के विचारों का एक तुलनात्मक अध्ययन

DOI:

https://doi.org/10.5281/zenodo.23496636

Keywords:

सामाजिक समानता, न्याय, मानववाद, अंत्योदय, संस्कृति।

Abstract

भारत देश की राजनीतिक और सामाजिक विचारधारा को आकार देने वाले दो महान व्यक्तित्व पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। भारतवर्ष 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हो गया था, उस समय समाज में अत्यधिक निरक्षरता, गरीबी, सामाजिक असमानता विद्यमान थी परन्तु इन दोनों व्यक्तियों ने उन चुनौतियों का अपने-अपने तरीके से सामना किया तथा उन समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति पर आधारित एकात्म मानववाद का वैचारिक दर्शन प्रस्तुत किया तथा अंत्योदय की विचारधारा प्रस्तुत की और अम्बेडकर ने भारत में फैली सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए सामाजिक न्याय, समानता और संविधान निर्माण पर बल दिया। अम्बेडकर जी का मत था कि संविधान में निर्मित कानूनों से उन समस्याओं को दूर किया जा सकता है तथा समाज में सामाजिक समानता व सामाजिक न्याय की स्थापना की जा सकती है। यह शोध पत्र दोनों विचारकों के जीवन, दर्शन, सामाजिक न्याय, आर्थिक विचारों, मानववाद इत्यादि की तुलना का अध्ययन करने का प्रयास करता है। इस शोध पत्र के अध्ययन का उद्देश्य दोनों विचारकों के विचारों का तुलनात्मक अध्ययन करके उनकी समानताओं में प्रासंगिकता का अध्ययन करना है।

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Published

2026-10-20

How to Cite

डॉ० सुशील दत्त. (2024). पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के विचारों का एक तुलनात्मक अध्ययन International Journal of Management, Engineering and Social Sciences,3(1), 152-155.
https://doi.org/10.5281/zenodo.23496636

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Articles